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भारतीय पराचीन लिपिमाला (Bharatiya Pracina Lipimala: The Palaeography of India) c28.s3: बंगला लिपि की उत्पत्ति

भारतीय प्राचीन लिपिमाला (Bhāratīya Prācīna Lipimālā: The Palaeography of India) c28.s3

Language
Hindi

बंगला लिपि की उत्पत्ति

c28.s3.1

बंगला लिपि प्राचीन नागरी की पुत्री है इस लिये उसकी उत्पत्ति में दिये हुए प्रत्येक अक्षर के भिन्न भिन्न रूपों में से कितने एक नागरी के उक्त रूपों से मिलते हैं अत एव उनको छोड़ कर बाकी का ही विवेचन किया जायगा और जो अक्षर नागरी के समान हैं वा जिनके वर्तमान रूप के पूर्व के सब रूप नागरी की उत्पत्ति में बतलाये हुए रूपों के सदृश हैं उनको भी नागरी के समान कहेंगे.

c28.s3.2

अ—दक्षिणी शैली की नागरी के समान (मध्य की आड़ी लकीर निरछी).

c28.s3.3

इ—पांच जैन शैली से. उ—नागरी के समान.

c28.s3.4

ए—चौ. ३२ (देवपारा का लेख). ओ—चौ. १८.

c28.s3.5

क—पांच चौथे से बना.

c28.s3.6

**ख**—ती. २१ (दुर्गगण का लेख); चौ. राष्ट्रकूट गोविंद (तीसरे) के दानपत्र से; पां. ३२ (देवपारा का लेख).

c28.s3.7

**ग**—ती. ६; चौ. ३२. **घ**—नागरी के समान. **ङ**—ती. १६ (उष्णीषविजयधारणी); चौ. ३५ (इस्त्राकोल का लेख).

c28.s3.8

**च**—ती. ३४. **छ**—ती. १६ (उष्णीषविजयधारणी). **ज**—नागरी के समान.

c28.s3.9

**झ**—ती. १६ (उष्णीषविजयधारणी); चौ. तीसरे का रूपांतर; पां. ३४ (वल्लभेंद्र का दानपत्र).

c28.s3.10

**ञ**—ती. ३५ (इस्त्राकोल का लेख). **ट**—ती. २३ (जोधपुर का लेख).

c28.s3.11

**ठ**—दू. १६ (उज्जैन का लेख). **ड**—नागरी के समान.

c28.s3.12

**ढ**—नागरी के समान. **ण**—पां. कन्हेरी के लेख से; छु. ३४ (वल्लभेंद्र का दानपत्र).

c28.s3.13

**त**—चौ. ३३ (तर्पंडिघी का दानपत्र); पां. ३४ (हस्तलिखित पुस्तकें).

c28.s3.14

**थ**—चौ. ३२. **द**—चौ. ३२. **ध**—नागरी के समान.

c28.s3.15

**न**—नागरी के समान. **प**—चौ. तीसरे से बना. **फ**—नागरी के समान.

c28.s3.16

**ब**—नागरी के समान. **भ**—ती. १८, चौ. २३ (जोधपुर के लेख के ‘भू’ में).

c28.s3.17

**म**—नागरी के समान. **य**—नागरी के समान.

c28.s3.18

**र**—ती. ३२ (देवपारा का लेख); चौ. ३४ (वल्लभेंद्र का दानपत्र). **ल**—नागरी के समान.

c28.s3.19

**व**—नागरी के समान. **श**—चौ. २५ (देवल का लेख); पां. ३२ (देवपारा का लेख).

c28.s3.20

**ष**—नागरी के समान. **स**—चौ. ३२ (देवपारा का लेख). **ह**—नागरी के समान.

c28.s3.21

वर्तमान बंगला लिपि के स्वर मूल स्वरों से बने हैं; केवल ‘**ई**’ नागरी की नांई ‘**इ**’ से बना है.

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