भारतीय पराचीन लिपिमाला (Bharatiya Pracina Lipimala: The Palaeography of India) c29: २३—वर्तमान नागरी अंकों की उत्पत्ति
भारतीय प्राचीन लिपिमाला (Bhāratīya Prācīna Lipimālā: The Palaeography of India) c29
- Language
- Hindi
२३—वर्तमान नागरी अंकों की उत्पत्ति
c29.1
(लिपिपत्र ८४ के उत्तरार्द्ध का द्वितीय खंड).
c29.2
जैसे वर्तमान नागरी लिपि ब्राह्मी लिपि में परिवर्तन होते होते बनी है वैसे ही वर्तमान नागरी के अंक भी प्राचीन ब्राह्मी के अंकों के परिवर्तन से बने हैं.
c29.3
१—प. ७१ (नानाघाट का लेख); दू. ७१ (गुप्तों के लेख); ती. चौ. ७२ (बौद्ध पुस्तक); पां. ७५ (प्रतिहार भोजदेव का दूसरा लेख).
c29.4
२—प. ७१ (कुशनवंशियों के लेख); दू. ७१ (गुप्तों के लेख); ती. ७२ (मि. बावर के पुस्तक).
c29.5
३—प. ७१ (कुशनवंशियों के लेख); दू. ती. ७१ (गुप्तों के लेख); चौ. ७२ (मि. बावर के पुस्तक; तीनों वक्र रेखाओं के परस्पर मिल जाने से).
c29.6
४—प. ७१ (अशोक के लेख); दू. ७१ (नानाघाट का लेख); ती. ७१ (कुशनवंशियों के लेख); चौ. ७१ (गुप्तों के लेख).
c29.7
५—प. दू. ७१ (कुशनवंशियों के लेख); ती. दूसरे से बना (बाईं ओर की खड़ी लकीर को चलती कलम से दाहिनी ओर बनाने से).
c29.8
६—प. ७१ (अशोक के लेख); दू. ७१ (कुशनवंशियों के लेख).
c29.9
७—प. ७१ (कुशनवंशियों के लेख); दू. ७१ (क्षत्रपों के सिक्के); ती. ७१ (वल्लभी के राजाओं के दानपत्र).
c29.10
८—प. दू. ७१ (कुशनवंशियों के लेख); ती. ७१ (क्षत्रपों के सिक्के); चौ. ७१ (कुशन-वंशियों के लेख); पां. ७१ (गुप्तों के लेख).
c29.11
६—प. ७१ (नानाघाट का लेख); दू. ७१ (कुशनवंशियों के लेख); ती. ७१ (आंध्रों के नासिक के लेख); चौ. ७५ (राष्ट्रकूट दंतिवर्मन् का दानपत्र); पां. चौथे के ऊपर की ग्रंथि को उलटा लिखने से; छ. ७६ (कलचुरि कर्ण का लेख); सा. ७६ (चौलुक्य त्रिलोचनपाल का दानपत्र); आ. ७६ (अजमेर का लेख).
c29.12
६ के अंक के छठे, सातवें और आठवें रूपों में विशेष अंतर नहीं है.