भारतीय प्राचीन लिपिमाला (Bhāratīya Prācīna Lipimālā: The Palaeography of India) c30.s10: सोना
भारतीय प्राचीन लिपिमाला (Bhāratīya Prācīna Lipimālā: The Palaeography of India) c30.s10
- Language
- Hindi
सोना
c30.s10.1
बौद्धों की जातक कथाओं में कभी कभी कुटुंबसंबंधी आवश्यक विषयों, राजकीय आदेशों तथा धर्म के नियमों के सुवर्ण के पत्रों पर खुदवाये जाने का उल्लेख मिलता है६, परंतु सोना बहुमूल्य होने के कारण उसका उपयोग कम ही होता होगा. तक्षशिला के गंग नामक स्तूप से खरोष्ठी लिपि
c30.s10.2
६ देखो, ऊपर पृ. ५ और उसी पृष्ठ के टिप्पण ६, ७, ८.
c30.s10.3
के लेखवाला एक सुवर्ण का पत्रा१ जनरल कनिंगहाम को मिला था. बर्मा के प्रोम ज़िले के ह्ड़ुवा नामक गांव के पास से दो सोने के पत्रे२ खुदे हुए मिले हैं. उनमें से प्रत्येक के प्रारंभ में ‘ये धर्महेतुप्रभवा०’ श्लोक और उसके पीछे पाली भाषा का गद्य है. उनकी लिपि ई. स. की चौथी या पांचवीं शताब्दी के आस पास की है और उसमें कई अक्षर दक्षिणी शैली के हैं.
c30.s10.4
२ ए. इं; जि. ५, पृ. १०१ और उसी के पास का प्लेट.