Pracin Bharatiya Veshabhusha c13.s28: कपड़े वासने की प्रथा
Prācīn Bhāratīya Veśabhūṣā c13.s28
- Language
- Hindi
कपड़े वासने की प्रथा
c13.s28.1
गुप्त युग में कपड़ों की धुलाई और तैयारी का बहुत ख्याल रक्खा जाता था। छेद सूत्रों में कपड़े धोने, कलफ करने और वासने की प्रथाओं का उल्लेख है। पहले कपड़ा धो लिया जाता था (धौत) फिर उस पर कुंदी कर के (घृष्ट) माड़ी (मृष्ट) दी जाती थी और अंत में धूप से वह वास (संप्रधूमित) दिया जाता था१४२।
c13.s28.2
१४२ वही, ३, ३००१