Pracin Bharatiya Veshabhusha c13.s38: इत्सिंग द्वारा वर्णित बौद्ध भिक्षुओं का पहरावा
Prācīn Bhāratīya Veśabhūṣā c13.s38
- Language
- Hindi
इत्सिंग द्वारा वर्णित बौद्ध भिक्षुओं का पहरावा
c13.s38.1
इत्सिंग नाम के एक दूसरे चीनी यात्री ने बौद्ध भिक्षुओं और नागरिकों के पहिरावे का विस्तारपूर्वक वर्णन किया है। मूल सर्वास्तिवादी बौद्ध भिक्षुओं के पहिरावे का वर्णन करते हुए इत्सिंग कहता है कि उनके पहिरावे में निम्नलिखित वस्त्र होते थे। संघाटी (दोहरी चादर), उत्तरासंग (चादर) और अन्तरवास (धोती)२२०। इन वस्त्रों के अलावा निम्नलिखित वस्तुओं का व्यवहार भी विहित था, (१) निषीदन (बैठने या सोने की चटाई), निवसन (अधो वस्त्र), (३) प्रति निवसन (एक दूसरा अधो वस्त्र), (४) संकक्षिका (बगल ढंकने का वस्त्र), (५) कायप्रोञ्छन (बदन पोछने का गमछा), (६) मुखप्रोञ्छन (मुंह पोछने का रुमाल), (७) केश प्रतिग्रह (हजामत के समय बाल गिराने के लिए वस्त्र), (८) भैष परिकार चीवर (दवाई का दाम देने के लिए वस्त्र)। उपरोक्त वस्तुओं के सिवाय और दूसरे वस्त्र ग्रहण करने की सर्वास्तिवादी भिक्षुओं को आज्ञा न थी लेकिन वह ऊनी कपड़ों के व्यवहार के लिए स्वतंत्र था
c13.s38.2
२२० ए रेकार्ड ऑफ दि बुद्धिस्ट रिलीजन ऐज प्रैक्टिसड इन इंडिया ऐंड दी मलाया आर्किपेलिगो पृ० ५४, जे० तककुसू द्वारा अनूदित, आक्सफोर्ड १८६६।
Cites (1)
- Mūlasarvāstivāda-vinaya — Sanskrit