Pracin Bharatiya Veshabhusha c14.s13: फीलवानों की वेश-भूषा
Prācīn Bhāratīya Veśabhūṣā c14.s13
- Language
- Hindi
फीलवानों की वेश-भूषा
c14.s13.1
फीलवान प्रायः अधबहियां मिरजई (कूर्पासक), जिसमें कोणाकार गला और मोहरियों पर सादी गोटें लगी रहती थीं, पहनते थे (आ० ३१७)६१। पर कभी कभी वे पूरे बाहों वाला कंचुक भी पहनते थे (आ० ३१८)६२ और उनके बाल एक रुमाल अथवा चपटी टोपी से ढंके
c14.s13.2
६१ याजदानी, अजंटा, भा० २, प्ले० १४
c14.s13.3
६२ हेरिंगम, वही, प्ले० १९, २१
c14.s13.4
होते थे। बाग के एक चित्र में फीलवान सुनहरे धारीदार कपड़े से बनी जांघिया पहने हैं६३।
c14.s13.5
६३ मार्शल, बाग, प्ले० जी०
c14.s13.6
१७ नं० की लेण के एक भित्ति चित्र में सिपाही छोटी धोतियां पहने दिखलाये गये हैं (आ० ३१९)६४ कभी कभी वे पट्टियों से अपने बाल बांध लेते थे (आ० ३२०)। १७ नं० की लेण में सिंहलयुद्ध वाले भित्ति-चित्र में सिपाही धोती अधबहियां मिर्जई (कूर्पासक) जो छाती को ढाकती है और जिसके गले और मोहरियों पर गोंट लगी है, पहनते हैं। उनके सिर रूमाल से ढंके होते हैं (आ० ३२१)६५।
c14.s13.7
६४ हेरिंगम, वही, प्ले० १७, १९
c14.s13.8
६५ वही, प्ले० १७, १८