Pracin Bharatiya Veshabhusha c14.s8.t2: चन्द्रगुप्त द्वितीय की वेश-भूषा
Prācīn Bhāratīya Veśabhūṣā c14.s8.t2
- Language
- Hindi
चन्द्रगुप्त द्वितीय की वेश-भूषा
c14.s8.t2.1
चन्द्रगुप्त द्वितीय के धनुर्धारी भाँति के सिक्कों में राजा एक सटा कंचुक पहनते हैं जो कभी कभी कमरबंद से बंधा होता है। इसका फंदा बांयीं ओर होता था और उसी ओर इसके सिरे ज़मीन पर लहराते थे२० (आ० २८७)। धनुर्धारी भांति के दूसरे सिक्कों में राजा जांघिया और दाहिनी ओर फंदेदार कमरबंद पहनते हैं२१।
c14.s8.t2.2
२० वही, प्ले० ६, ८-९
c14.s8.t2.3
२१ वही, प्ले० ६, १०-११
c14.s8.t2.4
एक सिंह-पराक्रम भांति के सिक्के में राजा कंचुक, कमरबंद, धोती और चोटीदार फुल्ले वाला खोद पहने दिखाये गए हैं (आ० २८८)२२। एक दूसरी तरह के खोद में चोटी से ले कर पीछे तक घुंडियां बनी हैं (आ० २८९)२३।
c14.s8.t2.5
२२ वही, प्ले० ७, १८
c14.s8.t2.6
२३ वही, प्ले० ८, ११
c14.s8.t2.7
अश्वारोही भांति के सिक्कों में चन्द्रगुप्त द्वितीय के पहरावे में धोती और कमरबंद, जिसके छोर पीछे फड़फड़ा रहे हैं, मुख्य हैं (आ० २९० ए० बी०)२४। पर कभी घोड़े पर सवार राजा कमरबंद से कसा कंचुक और धोती भी पहनते हैं (आ० २९१)२५।
c14.s8.t2.8
२४ वही, प्ले० ८, १३
c14.s8.t2.9
२५ वही, प्ले० ९-१०
c14.s8.t2.10
एक तांबे के सिक्के में बरामदे में आराम से खड़े चन्द्रगुप्त द्वितीय को दोनों कंधों पर पड़ा दुपट्टा, जिसका एक छोर उनके बांयें हाथ में है, पहरे दिखलाया गया है (आ० २९२)२६।
c14.s8.t2.11
२६ वही, प्ले० १०