Pracin Bharatiya Veshabhusha c5.s1: मोहेनजोदड़ो में कताई के साधन
Prācīn Bhāratīya Veśabhūṣā c5.s1
- Language
- Hindi
मोहेनजोदड़ो में कताई के साधन
c5.s1.1
मोहेनजोदड़ो से बहुत सी तकुओं की फिरकियां मिली हैं जिनसे पता लगता है कि अमीर गरीब सब सूत कातते थे । गरम कपड़े ऊन से बनते थे और हलके कपड़े सूती होते
c5.s1.2
थे। मोहेनजोदड़ो से मिले हुए एक चांदी के पात्र में चिपके वस्त्र के कुछ टुकड़ों के वैज्ञानिक अनुसंधान से इस बात का पता चला कि इन टुकड़ों में सूत उस साधारण कपास का है जो आज दिन बहुतायत से भारतवर्ष में होती है। सर जान मार्शल का कहना है कि इस खोज से अब यह बात पुष्ट हो जाती है कि बाबुली भाषा में सिंधु और ग्रीक भाषा में सिडोन (Sindon) जिनका अर्थ कपड़ा होता है सेंबल रूई के सूत के न हो कर कपास के होते थे२ ।