Pracin Bharatiya Veshabhusha c6.s15: वैदिक आर्यों का पहरावा
Prācīn Bhāratīya Veśabhūṣā c6.s15
- Language
- Hindi
वैदिक आर्यों का पहरावा
c6.s15.1
ऐसा मालूम पड़ता है कि वैदिक आर्य तीन कपड़े पहिनते थे यथा नीवि७५ (लंगोटी), वासस् और अधिवास७६ जो शायद आधुनिक दुपट्टे या चादर का प्रारंभिक रूप रहा हो। शतपथ७७ में दिये हुए यज्ञ काल के पहरावे से उपरोक्त पहरावों का मेल खाता है।
c6.s15.2
७५ अ० वे०, ८।२।१६; १२।२।५०
c6.s15.3
७६ ऋ० वे०, १।१४०।६; १०।५।४
c6.s15.4
७७ शतपथ ब्रा०, ५।३।५।२०