Pracin Bharatiya Veshabhusha c6.s27: करधनी
Prācīn Bhāratīya Veśabhūṣā c6.s27
- Language
- Hindi
करधनी
c6.s27.1
करधनी को रसना कहा गया है ।१२९ यज्ञ के समय वरुण के अस्त्र होने की वजह से इसमें गांठ नहीं लगायी जाती थी । इसका कारण वरुण के अस्त्र के साथ छेड़खानी करने के नतीजे का डर हो सकता है । इससे यह भी पता चलता है कि साधारणतः रसना में गांठें लगती थीं।
c6.s27.2
१२९ श० ब्रा०, १।३।१।१५
Linked texts (1)
- Śatapathabrāhmaṇa — Yājñavalkya & Śāṇḍilya (Vedic teacher), Sanskrit