Pracin Bharatiya Veshabhusha c7.s15: साधारण लोगों की वेश-भूषा
Prācīn Bhāratīya Veśabhūṣā c7.s15
- Language
- Hindi
साधारण लोगों की वेश-भूषा
c7.s15.1
गृहस्थों के पहरावे में तीन कपड़े होते थे यथा धोती (अंतरवासक), दुपट्टा (उत्तरासंग) और पगड़ी (उष्णीष)। स्त्रियाँ१०१ और पुरुष१०२ कंचुक पहनते थे। शायद यह कुरता जैसा कोई वस्त्र रहा हो, लेकिन यह कहना मुश्किल है कि यह वस्त्र आगे से खुला रहता था अथवा बंद।
c7.s15.2
१०१ भिक्खुनी पातिमोक्ख, ४।४०।६६
c7.s15.3
१०२ चुल्लवग्ग, ५।२९।२
c7.s15.4
स्त्रियां साड़ी भी पहनती थीं जो काफी मजबूत होती थीं (वलित्थग साटको)१०३। रानियां अमूमन साड़ियां पहना करती थीं और इसे सट्ठ-साट्ठक कहते थे१०४। बौद्ध साहित्य से यह पता नहीं चलता कि उस समय साड़ी पहनने का क्या तरीका था।
c7.s15.5
१०३ जातक (३२४), ३, पृ० ५५
c7.s15.6
१०४ जातक, (४३१), ३, २६६