Pracin Bharatiya Veshabhusha c7.s8: वस्त्रों की धुलाई और रंगाई
Prācīn Bhāratīya Veśabhūṣā c7.s8
- Language
- Hindi
वस्त्रों की धुलाई और रंगाई
c7.s8.1
कपड़े धोने की रीति का वर्णन बौद्ध साहित्य में तो नहीं मिलता लेकिन जैन ग्रंथ ज्ञाताधर्म कथा८१ में उसका पूरा वर्णन है। पहले वस्त्र में सज्जीखार लगा कर फिर उसे उबालते थे और बाद में साफ पानी से धो लेते थे। अभी तक धोबी इसी रीति से कपड़े धोते हैं। रंगने के पहले भी कपड़ा अच्छी तरह से धो लिया जाता था८२। कपड़े नीले, पीले, लाल, मजीठ, काले और हल्दी के रंग में रंग लिये जाते थे८३। भिक्षुओं को रंगीन कपड़े पहनने की आज्ञा नहीं थी ।
c7.s8.2
८१ ज्ञाता धर्मकथा, ३। ६०
c7.s8.3
८२ महावग्ग, ५।१। १०
c7.s8.4
८३ महावग्ग, ८।२६। १