Pracin Bharatiya Veshabhusha c9.s8: शुंगयुग में दक्षिणी स्त्रियों की वेश-भूषा
Prācīn Bhāratīya Veśabhūṣā c9.s8
- Language
- Hindi
शुंगयुग में दक्षिणी स्त्रियों की वेश-भूषा
c9.s8.1
दक्षिण भारत में एक उच्च कुलीन नारी की ई० पू० दूसरी सदी की वेश-भूषा का पता हमें जगय्यपेट (गुंटूर जिला) से मिली एक यक्षी की मूर्ति से मिलता है५५। साड़ी केवल घुटने तक पहुंचती है। पैरों में भारी पाजेब है। करधनी लंबोतरे और चिपटे मनकों के दो लड़ों से बनी है। कमरबंद दो बक्सुओं के बीच से ऐसे निकाला गया है जिससे एक ओर तो फंदेदार छोर लटक रहा है और दूसरी ओर कमरबंद के दोनों छूट्टे सिरे जिनमें लंबी छीरें पड़ी हुई हैं। गले में केवल तौक है और कानों में कुंडल। चारखानेदार ओढ़नी से सिर ढका है। इसके किनारे पर खानों में फुल्ले बने हैं जो एक दूसरे से बेड़ी धारियों से अलग होते हैं (आ० ६३)।
c9.s8.2
५५ बर्जेस, दि बुद्धिस्ट स्तूप्स ऑफ अमरावती एंड जगय्यपेट, प्ले० ५