भारतीय पराचीन लिपिमाला (Bharatiya Pracina Lipimala: The Palaeography of India) c30.s3.4
भारतीय प्राचीन लिपिमाला (Bhāratīya Prācīna Lipimālā: The Palaeography of India) c30.s3.4
- Language
- Hindi
c30.s3.4
३० इस विषय में मैक्समुलर लिखता है कि 'निआर्कस् भारतवासियों का रुई से कागज़ बनाने की कला का जानना प्रकट करता है' (देखो, ऊपर पृ. ३, टि. ७), और वूलर निआर्कस के कथन का आशय अच्छी तरह कूट कर तय्यार किये हुए रुई के कपड़ों के 'पट' से होना मानता है (वृ; इं. पे; पृ. ६८) जो भ्रमपूरित है क्योंकि 'पट' अब तक बनते हैं और वे सर्वथा कूट कर नहीं बनाये जाते (उनका विवेचन आगे किया जायगा). निआर्कस् का अभिप्राय कागज़ों से ही है.