भारतीय पराचीन लिपिमाला (Bharatiya Pracina Lipimala: The Palaeography of India) c31.s15.1
भारतीय प्राचीन लिपिमाला (Bhāratīya Prācīna Lipimālā: The Palaeography of India) c31.s15.1
- Language
- Hindi
c31.s15.1
डॉ. भगवानलाल इंद्रजी को नेपाल से जो वंशावली मिली उससे पाया जाता है कि दूसरे ठाकुरी वंश के राजा अभयमल्ल के पुत्र जयदेवमल्ल३ ने नेवार संवत् चलाया. उसने कांति-पुर और ललितपट्टन पर राज्य किया और उसके छोटे भाई आनंदमल्ल ने भक्तपुर (भाटगांव) बसाया और वह वहीं रहा. इन दोनों भाइयों के समय कर्णाटकवंश को स्थापित करनेवाले नान्य-देव ने दक्षिण से आकर नेपाल संवत् ६ या शक संवत् ८११ श्रावण शुदि ७ को समग्र देश (नेपाल)