भारतीय पराचीन लिपिमाला (Bharatiya Pracina Lipimala: The Palaeography of India) c31.s33.5
भारतीय प्राचीन लिपिमाला (Bhāratīya Prācīna Lipimālā: The Palaeography of India) c31.s33.5
- Language
- Hindi
c31.s33.5
४ ईरानियों का वर्ष सौर वर्ष है. उसमें तीस तीस दिन के १२ महीने हैं और १२ वें महीने में ५ दिन गाथा (अहुनवद्, ओश्तवद्, स्पेंतोमद्, वहूक्षथ और वहिश्तोयश्त) के मिलाकर ३६५ दिन का वर्ष माना जाता है और १२० वर्ष में १ अधिक मास महीनों के क्रम से जोड़ा जाता है जिसको 'कबीसा' कहते हैं, परंतु इलाही सन् के महीने कुछ २६ दिन के, कुछ ३० के, कुछ ३१ के और एक ३२ दिन का भी माना जाता था और वर्ष ३६५ दिन का होता था एवं चौथे वर्ष १ दिन और जोड़ दिया जाता था. महीनों के दिनों की संख्या किस हिसाब से लगाई जाती थी इसका ठीक हाल मालूम नहीं हो सका. १ से ३२ तक के दिनों के नाम ये हैं— १ अहुर्मज्द; २ बहमन; ३ उर्दिविहइत; ४ शहरेवर्; ५ स्पंदारमद्; ६ खुर्दाद; ७ मुरदाद् (अमरदाद्); ८ देपाद॒र्; ६ आज़र् (आदर्); १० आबां (आबान्); ११ खुरशेद्; १२ माह (महोर); १३ तीर; १४ गोश; १५ देपमेहर; १६ मेहर; १७ सरोश; १८ रश्नह; १६ फ़रवरदीन; २० बेहराम; २१ राम; २२ गोवाद; २३ देपदीन; २४ दीन; २५ अर्द (अशीश्वंग); २६ आस्ताद; २७ आस्मान्; २८ ज़मिआद; २६ मेहरेस्पंद; ३० अनेरां; ३१ रोज़; ३२ शब. इनमें से ३० तक के नाम तो ईरानियों के दिनों (तारीखों) के ही हैं और अंतिम दो नये रक्खे गये हैं.