भारतीय प्राचीन लिपिमाला (Bhāratīya Prācīna Lipimālā: The Palaeography of India) c31.s7.35.4
भारतीय प्राचीन लिपिमाला (Bhāratīya Prācīna Lipimālā: The Palaeography of India) c31.s7.35.4
- Language
- Hindi
c31.s7.35.4
१७०-७१) और काव्यमाला के विद्वान् संपादक स्वर्गीय महामहोपाध्याय पं. दुर्गाप्रसाद और पांडुरंग परब ने उसका ई. स. की पहिली शताब्दी में बनना बतलाया है इतना ही नहीं किंतु वेबर के माने हुए उसके समय के विषय में लिखा है कि "वेबर पंडित 'हिस्टरी ऑफ संस्कृत लिटरेचर' नामक पुस्तक में गुणाढ्य का ई. स. की छठी शताब्दी में होना बतलाता है और दशकुमारचरित के रचयिता आचार्य दंडी का भी छठी शताब्दी में होना स्वीकार करता है. किंतु आचार्य दंडी काव्यदर्श में 'भूतभाषामयीं प्राहुरद्भुतार्थां बृहत्कथाम्' में 'प्राहुः' पद से बृहत्कथा का अपने से बहुत