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New History of the Marathas v1.c6.92

New History of the Marathas v1.c6.92

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English

v1.c6.92

15. जगदीश विरंचिकु पुछत है कहो शिष्ट रची रखे कोन कहां। कर जोरि कही जयराम विरंच्ये तिरलोक जहां के तहां।। ससि वो रवि पूरब पश्चिम लौं तुम सोय रहो सिरसिंधु महा। अरु उत्तर दछन रछन को इत साहजु है उत साहजहां।। रा० मा० वि० चंपू—पृष्ठ २८०