Wilson Philological Lectures on Sanskrit and the Derived Languages c9.22
Wilson Philological Lectures on Sanskrit and the Derived Languages c9.22
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- English
c9.22
इतना कह उसने बहुतेरे उपाय हाथ निकालनेको किये पर एक भी काम न आया। निदान सांस रुककर पेट फट गया। तो पछाड खाय के गिरा तब उसके शरीरसे लोहु नदीकी भांति वह निकला। तिस समें ग्वालबाल आय आय देखने लगे और श्रीकृष्णचंद आगे जाय बनमें एक कदम की छांहतले खड हुए।