History of Dharmashastra (Ancient and Mediaeval Religious and Civil Law in India) v1.c6.s94.34
History of Dharmaśāstra (Ancient and Mediaeval Religious and Civil Law in India) v1.c6.s94.34
- Language
- English
v1.c6.s94.34
¹¹³⁴ वाराणसो महामुक्तिक्षेत्र । विक्रमशक वृषसंवत्सर । शके सोळाशें तिसोत्तर । टीका एकाकार जनार्दनरूपा ॥ महामंगल कार्तिकामासीं । शुक्लपक्ष पूर्णिमेसी । सोमवार शिवयोगेंसी । टीका एकादशी समाप्त झाली ॥ स्वदेशींचा शक संवत्सर । दण्डकारण्य श्रीरामक्षेत्र । प्रतिष्ठान गोदावरीतीर । येथील उच्चार तो ऐका । शालिवाहनशक वैभव । संख्या चौदाशें पंचाण्णव । श्रीमुख संवत्सराचें नांव । टीका अपूर्व तें जाहली ॥ verses 552-555 of the last अध्याय ( Nirṇayasāgara edition ).