Pracin Bharatiya Veshabhusha c12.s5: शिकारियों इत्यादि की वेश-भूषा
Prācīn Bhāratīya Veśabhūṣā c12.s5
- Language
- Hindi
शिकारियों इत्यादि की वेश-भूषा
c12.s5.1
गंधार की मूर्तिकला में हमें शिकारी के दो बार दर्शन होते हैं (आ० १५१)३९। वह केवल धोती पहरे दिखाया गया है। खेतिहर (आ० १५२)४० अथवा मजदूर (आ० १५३)४१ केवल एक छोटी धोती अथवा लंगोटी पहनते थे। पहलवान भी लंगोट ही पहनते थे४२। दंगल के वक्त शाक्य पुरुष जांघिया पहनते थे (आ० १५४)४३। ब्राह्मण और ब्रह्मचारी धोती और बाएं कंधे से लटकती चादर पहनते थे। उनके बाल पीछे लटकते थे पर सिर पर बद्ध शिखा होती थी (आ० १५५)४४।
c12.s5.2
३९ वही, भा० १, आ० १३८, १८७ बी
c12.s5.3
४० वही, भा० १, आ० १७५-७६
c12.s5.4
४१ वही, भा० १, आ० २६६; भा० २, आ० ३०२
c12.s5.5
४२ वही, भा० २, आ० ३०३
c12.s5.6
४३ वही, भा० १, आ० १७२
c12.s5.7
४४ वही, भा० २, आ० ४३१