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Pracin Bharatiya Veshabhusha c12.s8.t2.20

Prācīn Bhāratīya Veśabhūṣā c12.s8.t2.20

Language
Hindi

c12.s8.t2.20

मथुरा की मूर्तिकला में एक और तरह का कंचुक आया है जो घुटने तक पहुँचता है (आ० १९२ ए० बी०)८३। यह कंचुक कारचोबी गोट से सजा है। कमरपेटी गोल और चौखूंटे टिकरों से बनी है । टिकरे अलंकारिक मत्स्य और कुलाह पहने अश्वारोहियों की आकृति से सजे हैं। ये दोनों अलंकार कुषाणयुग में साधारणतः व्यवहार में आते थे८४।