Pracin Bharatiya Veshabhusha c12.s8.t2.25
Prācīn Bhāratīya Veśabhūṣā c12.s8.t2.25
- Language
- Hindi
c12.s8.t2.25
एक दूसरी मूर्ति जो दाढ़ी और घुंघराले बाल से एक शक अथवा ईरानी की मूर्ति प्रतीत होती है एक गहरा काम किया हुआ कंचुक पहने है । कारचोबी के अलंकार मेहराबदार खानों में बने हैं। बुंदकीदार (Beading) अथवा डोरीदार काम एक बिचले खाने को जिसके चारों ओर सीधी और खड़ी रेखाओं और बिंदुओं से छोटे खाने भरे हुए हैं, घेरे हुए हैं। रुमाल पीठ पर गिरता हुआ दिखलाया गया है, और इसके दोनों सिरे छाती पर बायीं ओर पहने हुए एक दूसरे छेद से निकाल दिये गए हैं । कुलाहनुमा टोपी के किनारे पर काम किया हुआ है उसके दाहिनी ओर चंद्रमा और सूर्य की प्रतिकृतियां बनी हुई हैं (आ० १९४)८६।