Pracin Bharatiya Veshabhusha c12.s8.t2.46
Prācīn Bhāratīya Veśabhūṣā c12.s8.t2.46
- Language
- Hindi
c12.s8.t2.46
एक दिल्लीवाल पगड़ीनुमा टोपी भी पहनी जाती थी। इस टोपी की छत तो अर्धवृत्ताकार है और छज्जा उलटा हुआ है (आ० १९९)६१। इस टोपी की बनावट अजंटा में ईरानियों की टोपी की बनावट से बहुत मिलती है। आज दिन भी भारत का पारसी समाज ऐसी ही टोपी पहनता है। दिल्लीवाल पगड़ी भी लगता है इसी टोपी से निकली है। सूर्य की मूर्ति एक विचित्र टोपी पहने है (आ० २००)६२। टोपी की छत गोल और चपटी है। और पूरी टोपी ज्यामितिक आकृतियों और पुष्पालंकारों से सजी है।