Pracin Bharatiya Veshabhusha c13.s4.2
Prācīn Bhāratīya Veśabhūṣā c13.s4.2
- Language
- Hindi
c13.s4.2
बने वस्त्र जिसमें कपास भी आ जाती थी, (३) कौशेय, अर्थात् रेशमी कपड़े, और (४) रांकव अर्थात् पश्मीने९। इसी तरह अनुयोगद्वार सूत्र१० के वस्त्रों को अंडज, बोंडज और कीडज इन तीन जातियों में बांटा गया है। अंडज की तो टीकाकार ने विचित्र कल्पना की है जिसके अनुसार ऐसे कपड़े हंस के अंडे से बनते थे, शायद उनका तात्पर्य यहां हंस दुकूल से है। सूती कपड़े को बोंडज कहते थे और रेशमी को कीडज।