Pracin Bharatiya Veshabhusha c13.s8.19
Prācīn Bhāratīya Veśabhūṣā c13.s8.19
- Language
- Hindi
c13.s8.19
८—कणग पट्ट—आचारांग७३ में इसे 'कृतकनकरसपट्टानि' कहा है जिसके अर्थ होते हैं तरल सुवर्ण से बना हुआ वस्त्र । लगता है यह कपड़ा अथवा चादर पूरी सुनहरे कलाबत्तू से बिनी जाती थी । निशीथ७४ में कनक पट्ट के दो अर्थ दिये गए हैं यथा 'कणगेण जस्स पट्टाकता, अहवा कणग-पट्टा मिगा' अर्थात् जिस वस्त्र का किनारा सुनहरे काम वाला होता था अथवा कनक पट्ट मृग की खाल से बना वस्त्र ।
Linked texts (1)
- Āyāraṃga — Sudharman, Ardhamāgadhī Prakrit