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Pracin Bharatiya Veshabhusha c13.s8.40

Prācīn Bhāratīya Veśabhūṣā c13.s8.40

Language
Hindi

c13.s8.40

५—रल्लक—अमरकोश में इसे एक तरह का कंबल कहा गया है८६। युवान च्वांग ने भी होलाली अर्थात् रल्लक का उल्लेख किया है८७। उसके यात्रा विवरण के अनुसार यह ऊनी कपड़ा किसी जंगली जानवर के ऊन से बनता था। यह ऊन आसानी से कत सकता था और इससे बने कपड़े का काफी मूल्य होता था।