Pracin Bharatiya Veshabhusha c14.s22: राजभृत्योंकी वेश-भूषा
Prācīn Bhāratīya Veśabhūṣā c14.s22
- Language
- Hindi
राजभृत्योंकी वेश-भूषा
c14.s22.1
अजंटा के भित्ति-चित्रों में राजभृत्य सिले कपड़े अथवा सादी धोती पहने दिखलाये गये हैं। ७ नं० की लेण के एक भित्ति-चित्र में बुद्ध के बायीं ओर खड़ा एक सेवक एक चार-खानेदार धोती पहरे हैं (आ० ३५०)९४। १ नं० की लेण के अवलोकितेश्वर वाले प्रसिद्ध भित्ति-चित्र में फूलचंगेर लिए हुए सेवक गहरे भूरे रंग की धारियों वाला कंचुक और एक सुंदर मुकुट पहने है (आ० ३५१)९५। इसी लेण के एक दूसरे भित्ति-चित्र में एक सेवक घुमावदार नक्काशी से सज्जित कंचुक पहने है। अलंकार पट्टियों में बने हैं और उनमें फुल्ला
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९४ हेरिंगम, वही, प्ले० ४२, ५६
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९५ वही, प्ले० १०, १२
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३४२
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३४३
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३४४
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३४५
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३४७
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३४९
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३४८
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३५०
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३५१
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३५२
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वृत्त और सिंघाड़े मुख्य हैं (आ० ३५२)९६। इसी लेण के एक तीसरे भित्ति-चित्र में फर्श पर बैठा हुआ सेवक एक रुपहले किमखाब, जिस पर गहरे मटमैले रंग से बना पुष्पालंकार हैं, से बना कंचुक पहने है (आ० ३५३)९७।
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९६ याजदानी, अजंता, भा० १, प्ले० ७ बी०, पृ० ९
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९७ वही, प्ले० २४, बी०, पृ० ४१
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युद्ध अथवा यात्रा में अपने स्वामियों के पीछे चलते हुए सेवक समयानुकूल पहरावे पहरते थे । यथा सिंहलयुद्ध वाले चित्र में हाथी के पीछे बैठा हुआ एक सेवक, दुमचीदार खोद, कूर्पासक, और कमरबंद से बंधी एक छोटी धोती पहने है (आ० ३५४)९८।
c14.s22.19
९८ हेरिंगम, वही, प्ले० ४२, ५; १७, ४३