Pracin Bharatiya Veshabhusha c14.s29: बच्चों का पहरावा
Prācīn Bhāratīya Veśabhūṣā c14.s29
- Language
- Hindi
बच्चों का पहरावा
c14.s29.1
अजंटा के भित्ति-चित्रों में राजा रानियों की सेवा करते और खेलते हुए बच्चे दिखलाये गये हैं। १७ नं० की लेण के माता पुत्र नाम के प्रसिद्ध भित्ति-चित्र में पुत्र धारीदार धोती और छन्नवीर पहने हैं। बालों को यथा स्थान रखने के लिए फीतों का उपयोग हुआ है (आ० ३७६) १२३। उसी लेण में एक दूसरी जगह एक लड़का धोती और पटका पहने दिखलाया गया है और उसके बाल फीते से बंधे हैं (आ० ३७७) १२४।
c14.s29.2
१२३ हेरिंगम, वही, प्ले० ६, ७
c14.s29.3
१२४ वही, प्ले० ५, ६
c14.s29.4
उसी लेण के एक दूसरे चित्र में (आ० ३७८) १२५ एक हाथ में पीकदान लिए हुए लड़का जांघिया और कंचुक पहने है और उसके बाल फीते से बंधे हैं। नं० १ की लेण के एक गुफा चित्र में एक बालक ऊनी जांघिया, पूरे पैर के बूट और फूलों से सजी टोपी पहरे है (आ० ३७९) १२६। उसी चित्र में एक लड़का छन्नवीर और कमरपेटी पहने है (आ० ३८०)
c14.s29.5
१२५ वही, प्ले० ३, ४
c14.s29.6
१२६ प्रिंस ऑफ वेल्स म्यूजियम की एक प्रतिकृति से
c14.s29.7
प्रतीत होता है कि बच्चे बड़े चाव से टोपी पहनते थे। एक भित्ति चित्र में लड़का
c14.s29.8
चक्करदार टोपी पहने दिखलाया गया है१२७। लड़के धारीदार बूट अथवा मोजे भी पहनते थे१२८।
c14.s29.9
१२७ हेरिंगम, वही, प्ले० २, ७
c14.s29.10
१२८ याजदानी, वही, भा० १, प्ले० २४ बी०, पृ० ४१