Pracin Bharatiya Veshabhusha c6.s19: शरीर के ऊपर पहनने के वस्त्र
Prācīn Bhāratīya Veśabhūṣā c6.s19
- Language
- Hindi
शरीर के ऊपर पहनने के वस्त्र
c6.s19.1
पुरुष और स्त्रियां अपने शरीर के ऊपरी हिस्से को ढांकने के लिए उपवसन पर्याणहन, प्रतिधि, द्रापि और अत्क पहनती थीं । उपवसन८५ जैसा कि वधू के वस्त्रों के सम्बन्ध में इसके उल्लेख से पता लगता है, दुपट्टे की तरह कोई वस्त्र था । मुद्गलानी के उपवसन८६ के हवा
c6.s19.2
८५ —अ० वे०, १४।२।४१६
c6.s19.3
८६ —ऋ० वे०, १०।१०२।२
c6.s19.4
में फड़कने के उल्लेख से यह बोध होता है कि यह उत्तरीय जैसा कोई वस्त्र था। डा० सरकार का अनुमान है पर्याणहन शायद लंबी-चौड़ी हल्की चादर की तरह कोई वस्त्र था८७। अधिवास राजाओं का ऊपरी वस्त्र था८८। प्रतिधि८९ एक या दो कपड़े की छींटों से बना स्तनपट्ट था जिसे विवाह के समय कन्या पहनती थी। शायद यह सीधे अथवा तिरछे ढंग से स्तनों को ढांकने के लिए पहना जाता था।
c6.s19.5
८७ सरकार, वही, पृ० ६६
c6.s19.6
८८ शतपथ ब्रा०, ५।४।४।३
c6.s19.7
८९ अ० वे०, १४।१।७
Linked texts (3)
- Taittirīyasaṃhitā — Sanskrit
- Ṛgvedasaṃhitā — Sanskrit
- Atharvavedasaṃhitā — Atharvan & Aṅgiras, Sanskrit