Pracin Bharatiya Veshabhusha c7.s20.1
Prācīn Bhāratīya Veśabhūṣā c7.s20.1
- Language
- Hindi
c7.s20.1
पालि साहित्य में कहीं कहीं जन समाज की वेश-भूषा के प्रकरण भी आ गये हैं। एक जगह एक धनुर्धारी के पहिरावे का सजीव वर्णन है। कथा यह है कि एक समय बोधिसत्व धनुर्धारी के रूप में उत्पन्न हुए और एक शस्त्र प्रतियोगिता में अपने कौशल का परिचय दिया। एक परदे की आड़ में पहले उन्होंने अपने सफेद कपड़े उतार कर बदन से सटा हुआ एक लाल कपड़ा पहन लिया, काछ कस लिया, और लाल फेंटे में तलवार खोंस ली। सब के ऊपर एक सुनहला कंचुक पहन लिया। उसके ऊपर चापनाली धारण कर के, मेढ़े के सींग से बनी धनुष कसा और अंत में धनुष टंकार करते हुए परदे के बाहर निकल आये।१२४।