Pracin Bharatiya Veshabhusha c7.s6.18
Prācīn Bhāratīya Veśabhūṣā c7.s6.18
- Language
- Hindi
c7.s6.18
भांगिक—भांग वृक्ष की छाल से भी कपड़े बनते थे५०। आज दिन भी युक्तप्रान्त के कुमायूं जिले में ऐसा कपड़ा बनता है जिसे भंगेला कहते हैं।
Prācīn Bhāratīya Veśabhūṣā c7.s6.18
भांगिक—भांग वृक्ष की छाल से भी कपड़े बनते थे५०। आज दिन भी युक्तप्रान्त के कुमायूं जिले में ऐसा कपड़ा बनता है जिसे भंगेला कहते हैं।