Pracin Bharatiya Veshabhusha c9.s5.1
Prācīn Bhāratīya Veśabhūṣā c9.s5.1
- Language
- Hindi
c9.s5.1
भरहुत के अर्धचित्रों में स्त्रियाँ पुरुषों की तरह धोती अथवा साड़ी पहने दिखलायी गयी हैं। आधुनिक साड़ी तो एड़ी तक पहुँचती है पर भरहुत के अर्धचित्रों में शायद ही कभी वह घुटनों के नीचे पहुँचती है; इसमें चूनन भी होती है। साड़ी भारी भरकम करधनी और कमरबंद से बंधी होती है । इस कमरबंद के फुदनेदार किनारे एक ओर लटकते हैं। कमरबंद से खुंसे दोनों पैरों के बीच में लटकते पटके पहनने की भी प्रथा थी। पटका साधारणतः लहरियादार होता, पर भारी पटका मनके पिरो कर भी बनता था। स्त्रियों के शरीर का ऊपरी भाग खुला हुआ दिखलाया गया है पर यक्षिणी चंदा के दाहिने स्तन के नीचे एक मलमली चद्दर की तह के निशान हैं। उनके सिर कामदार ओढ़नी से ढंके होते थे जो कामदार होती थी। स्त्रियाँ कभी कभी लीलावश पगड़ी भी पहन लेती थीं।