Minerals and Metals in Ancient India v2.c45.s7.10
Minerals and Metals in Ancient India v2.c45.s7.10
- Language
- English
v2.c45.s7.10
अथ पित्तलम् रीतिका काकतुण्डी च द्विविधं पित्तलं भवेत्। सन्तप्ता कांजिके क्षिपता ताम्राभा रीतिका मता।। एवं या जायते कृष्णा काकतुण्डीति सा मता।। गुर्वी मृद्वी च पीताभा सारांगी ताड़नक्षमा। सुस्निग्धा मक्ष्णांगी च रीतिरेतादृशी शुभा।। पूतिगन्धा तथा लघ्वी रीतिर्नेष्टा रसादिषु।।