Vada in Theory and Practice: Studies in Debates, Dialogues and Discussions in Indian Intellectual Discourses c11.s18.107
Vāda in Theory and Practice: Studies in Debates, Dialogues and Discussions in Indian Intellectual Discourses c11.s18.107
- Language
- English
c11.s18.107
जब तक वादी-प्रतिवादी होकर प्रीति से वाद वा लेख न किया जाए, तब तक सत्यासत्य का निर्णय नहीं हो सकता। जब विद्वान् लोगों में सत्यासत्य का निश्चय नहीं होता, तभी अविद्वानों को महाअंधकार में पड़कर बहुत दुःख उठाना पड़ता है, इसलिए सत्य के जय और असत्य के क्षय के अर्थ मित्ररता से वाद व लेख करना हमारी मनुष्य जाति का मुख्य कार्य