Vastu-shastra (Vol. I: Hindu Science of Architecture; Vol. II: Hindu Canons of Iconography and Painting) v2.c84.2
Vāstu-śāstra (Vol. I: Hindu Science of Architecture; Vol. II: Hindu Canons of Iconography and Painting) v2.c84.2
- Language
- English
v2.c84.2
| विषयाः | पृष्ठाङ्काः |
| १. चित्रप्रशंसा | २९६ |
| २. चित्रोत्पत्तिः | २९७ |
| ३. चित्रं नृत्यं गीतञ्च | ,, |
| ४. षडङ्गं चित्रम् | २९८ |
| ५. चित्रप्रकाराणि | २९८-२९९ |
| ६. चित्रोद्देशाः चित्रविषयाः वा | २९९-३०१ |
| ७. चित्राङ्गानि | ३०१ |
| ८. भूमिबन्धनं चित्रभित्तिर्वा | ३०१-४ |
| ९. लेप्यकर्म | ३०५-८ |
| १०. अण्डकवर्तनम् | ३०८ |
| ११. चित्रकर्मणि देवादीनां शरीरप्रमाणादि- | ३०९ |
| अ. शरीरप्रमाणम् | ३०९ |
| ब. हंसादि-पञ्चपुरुष-स्त्रीलक्षणम् | ३०९-१० |
| स. चित्रकर्मणि मूर्त्यवयव-प्रमाणम् | ३१०-११ |
| य. चित्रकर्मण्यङ्गप्रत्यङ्गमानेन स्त्रीणां निर्माणम् | ३११ |
| र. तेनैव सामान्यमानवर्णनम् | ३११-१२ |
| ल. चित्रकर्मणि देवतानेत्राद्यङ्गवर्णनम् | ३१२-१३ |
| १२. नाना turnानुगता शुभाकारविहाराः ऋज्वागतसाचीकृताद्यनेकभेदोपसंहिताश्चित्रकर्मणो नवभेदाः | ३१३-१६ |
| १३. चित्रे देवनृपर्षिगन्धर्वदैत्यदानवादीनां सपरिच्छदानां निर्माण-देशविशेषाSchneiderासनशयनयानवेशसरित्सागरवाहनशैलशिखरसद्वीपभू-मण्डलशङ्खनविधिचन्द्रनक्षत्ररात्रिसन्ध्यादिनिर्माणम् | ३१६-२१ |
| १४. विलेखा-लक्षणम् | ३२१-२२ |
| १५. वर्तिका | ३२२ |
| १६. चित्रलेखन-विधिः | ३२२ |
| १७. अ. वर्तनाविधाः ब. पट्टपत्रवर्तनादिप्रकारश्च | ३२३ |
| १८. चित्रपत्रोत्पत्तिः | ३२३-२५ |
| १९ कण्टकलक्षणम् | ३२५-२७ |
| २०. चित्रकर्मणि वर्णभेदः-शुद्धवर्णमिश्रवर्णादयश्च स्वर्णप्रयोगोऽपि | ३२७-३१ |
| २१. चित्रे शृङ्गारादिरसप्रदर्शनं ... .. ... .. रसचित्रादेश्च टि० ... ... | ३३१ |
| २२. चित्रदोषाः | ,, |
| २३. चित्रगुणाः | ३३१-३२ |
| २४. चित्रकारः | ३३२ |
| ग्रन्थकर्तुर्ग्रन्थसमापनस्तवः | ,, |