भारतीय पराचीन लिपिमाला (Bharatiya Pracina Lipimala: The Palaeography of India) c10.22
भारतीय प्राचीन लिपिमाला (Bhāratīya Prācīna Lipimālā: The Palaeography of India) c10.22
- Language
- Hindi
c10.22
ई. स. १८३७-३८ में जेम्स प्रिन्सेप ने देहली, कहाऊं और एरण के स्तंभों तथा सांची और अमरावती के स्तूपों और गिरनार के चट्टान पर के गुप्तलिपि के लेख पढ़े२. कप्तान ट्रायर, डॉ. मिल्ल तथा जेम्स प्रिन्सेप के श्रम से चार्ल्स विल्किन्सन् की गुप्तलिपि की अधूरी वर्णमाला पूर्ण हो गई और गुप्तवंशी राजाओं के समय के शिलालेख, ताम्रपत्र और सिक्कों के पढ़ने में सुगमता हो गई.