भारतीय प्राचीन लिपिमाला (Bhāratīya Prācīna Lipimālā: The Palaeography of India) c11.111
भारतीय प्राचीन लिपिमाला (Bhāratīya Prācīna Lipimālā: The Palaeography of India) c11.111
- Language
- Hindi
c11.111
४ देखो ऊपर पृ. ४२. भट्टिप्रोलु के उक्त ६ लेखों के अतिरिक्त इस शैली की लिपि (द्राविडी) का और कोई शिलालेख अब तक नहीं मिला, परंतु आंध्रवंशी राजा गौतमीपुत्र श्रीयज्ञशातकर्णि के एक प्रकार के सिक्के पर एक तरफ ‘रञो गोतमिपुतस सिरियञ'… सातकणिस’ और दूसरी ओर ‘……गोतम(मि)पुतष हिरुयणहातंसिष’ लेख है (रा; कँ. कॉ. आं; पृ ७५). इन दोनों लेखों की लिपियों में स्पष्ट अंतर है. पहिले लेख की लिपि आंध्रों के लेख और सिक्कों की ही लिपि है और दूसरी तरफ के लेख की लिपि संभव है कि भट्टिप्रोलु के लेखों की द्राविड़ी लिपि का परिवर्तित रूप हो (देखो, क; कॉ. ए. इं; प्लेट १२, सिक्का संख्या ८; रा; इं; कॉ; प्लेट ३, सिक्का संख्या ५).