भारतीय प्राचीन लिपिमाला (Bhāratīya Prācīna Lipimālā: The Palaeography of India) c11.12
भारतीय प्राचीन लिपिमाला (Bhāratīya Prācīna Lipimālā: The Palaeography of India) c11.12
- Language
- Hindi
c11.12
३. नागरी—उत्तर में इसका प्रचार ई. स. की ६ वीं शताब्दि के अंत के आस पास से मिलता है परंतु दक्षिण में इसका प्रचार ई. स. की आठवीं शताब्दि से होना पाया जाता है क्योंकि दक्षिण के राष्ट्रकूट (राठौड़) वंशी राजा दंतिदुर्ग के सामनगढ़ (कोल्हापुर राज्य में) से मिले हुए शक संवत् ६७५ (ई. स. ७५४) के दानपत्र१ की लिपि नागरी ही है और दक्षिण के पिछले कई राजवंशों