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भारतीय प्राचीन लिपिमाला (Bhāratīya Prācīna Lipimālā: The Palaeography of India) c11.15

भारतीय प्राचीन लिपिमाला (Bhāratīya Prācīna Lipimālā: The Palaeography of India) c11.15

Language
Hindi

c11.15

४. शारदा—इस का प्रचार भारतवर्ष के उत्तर-पश्चिमी हिस्सों अर्थात् कश्मीर और पंजाब में रहा. ई. स. की ८ वीं शताब्दी के राजा मेरुवर्मा के लेखों से (देखो लिपिपत्र २२ वां) पाया जाता है कि उस समय तक तो पंजाब में भी कुटिल लिपि का प्रचार था, जिसके पीछे उसी लिपि से शारदा लिपि बनी. उसके जितने लेख अब तक मिले हैं उनमें सब से पुराना लेख सराहां (चंबा राज्य में) की प्रशस्ति है, जो ई. स. की दसवीं शताब्दी की अनुमान की जा सकती है. इसी लिपि से वर्तमान कश्मीरी और टाकरी लिपियां निकली हैं और पंजाबी अर्थात् गुरुमुखी के अधिकतर अक्षर भी इसीसे निकले हैं.