भारतीय प्राचीन लिपिमाला (Bhāratīya Prācīna Lipimālā: The Palaeography of India) c11.150
भारतीय प्राचीन लिपिमाला (Bhāratīya Prācīna Lipimālā: The Palaeography of India) c11.150
- Language
- Hindi
c11.150
१ वासिष्टीपुत्र पुळुमायि के ४ लेखों से—ऍ. इं; जि. ८, नासिक के लेख, प्लेट १, संख्या २; प्लेट २, संख्या ३; प्लेट ६, संख्या २५; प्लेट ३, संख्या १. आ. स. वे. इं; जि. ४. प्लेट ५२, नासिक की लेख संख्या १३, १५; प्लेट ५४, संख्या १२, १३. गौतमीपुत्र स्वामिश्रीयज्ञशातकर्णि नामवाले एक लेख से—ऍ. इं; जि. ८, नासिक के लेख, प्लेट १, संख्या २४. आ. स. वे. इं; जि. ४ प्लेट ५४, (नासिक के लेख) संख्या १६. गौतमीपुत्र शातकर्णि के २ लेखों से—ऍ. इं; जि. ८, नासिक के लेख, प्लेट २, संख्या ४, ५. आ. स. वे. इं; जि. ४, प्लेट ५३, नासिक की लेख संख्या १३, १४. यदि गौतमीपुत्र स्वामिश्रीयज्ञशातकर्णि, गौतमीपुत्र शातकर्णि से भिन्न और पुराणों में दी हुई आंध्रवंशी राजाओं की नामावली का २७ वां राजा यज्ञश्रीशातकर्णि हो तो उसके लेख का समय ई. स. की दूसरी नहीं किंतु तीसरी शताब्दी होना चाहिये.