भारतीय पराचीन लिपिमाला (Bharatiya Pracina Lipimala: The Palaeography of India) c11.152
भारतीय प्राचीन लिपिमाला (Bhāratīya Prācīna Lipimālā: The Palaeography of India) c11.152
- Language
- Hindi
c11.152
यह लिपिपत्र पश्चिमी क्षत्रप२, त्रैकूटक३ तथा आंध्रवंशी४ राजाओं के सिक्कों पर के लेखों से तैयार किया गया है. क्षत्रपों के छोटे सिक्कों पर लंबा लेख होने से कितने एक सिक्कों पर के कोई कोई अक्षर अधिक सिकुड़ गये हैं जिससे उनकी आकृति स्पष्ट नहीं रही (देखो ‘य’ का तीसरा रूप; ‘स’ का दूसरा रूप; ‘ह’ का तीसरा, चौथा और पांचवां रूप; ‘त्त’ का पांचवां रूप; ‘ज्ञ’ का दूसरा रूप), और कहीं कहीं स्वरों की मात्राएं भी अस्पष्ट होगई हैं. त्रैकूटकों के सिक्कों में ‘न, व’, ‘ह’, ‘त्त’, ‘त्र’, ‘ड्य’ और ‘ष्ण’ के रूप विलक्षण मिलते हैं. आंध्रों के सिक्कों के अक्षरों में से अंतिम तीन अक्षर (ष, हा, हि) उपर्युक्त गौतमीपुत्र