भारतीय प्राचीन लिपिमाला (Bhāratīya Prācīna Lipimālā: The Palaeography of India) c11.169
भारतीय प्राचीन लिपिमाला (Bhāratīya Prācīna Lipimālā: The Palaeography of India) c11.169
- Language
- Hindi
c11.169
यह लिपिपत्र अमरावती के कई एक लेखों२ तथा जग्गयपेट के ३ लेखों३ से तय्यार किया गया है. अमरावती के लेखों के अक्षरों में ‘इ’ की तीन बिंदियों के स्थान में तीन आड़ी लकीरें बनाई हैं इतना नहीं किंतु उनको वक्र भी बनाया है और ‘जा’ में ‘आ’ की मात्रा को नीचे की ओर झुकाया है. जग्गयपेट के लेखों में ‘अ’, ‘क’, ‘ञ’ आदि अक्षरों की खड़ी लकीरों को नीचे की ओर बहुत बढ़ा कर उनमें बाईं ओर घुमाव डाला है. और ‘ल’ की खड़ी लकीर को ऊपर की ओर बढ़ाकर घुमाया है, ऐसे ही ‘इ’, ‘ई’ को और कहीं ‘उ’ की मात्राओं को भी; ‘इ’ के चिह्न की तीन बिंदियों के स्थान में अधिक मुड़ी हुई लकीरें बनाई हैं. ‘इ’ के पहिले रूप की इन तीनों लकीरों को चलती कलम से जोड़ कर लिखने से वर्तमान तामिळ लिपि के ‘इ’ का पूर्वरूप बन जाता है (देखो, लिपिपत्र ८४ में तामिळ लिपि की उत्पत्ति में ‘इ’ का तीसरा रूप).