भारतीय पराचीन लिपिमाला (Bharatiya Pracina Lipimala: The Palaeography of India) c13.47
भारतीय प्राचीन लिपिमाला (Bhāratīya Prācīna Lipimālā: The Palaeography of India) c13.47
- Language
- Hindi
c13.47
यह लिपिपत्र बांसखेडा से मिले हुए राजा हर्ष (हर्षवर्द्धन) के दानपत्र२, नेपाल के राजा अंशुवर्मन् के लेख३, राजा दुर्गगण के झालरापाटन के लेख४, कुदारकोट के लेख५ तथा राजा शिवगण के कोटा के लेख६ से तय्यार किया गया है. हर्ष के दानपत्र से प्राचीन अक्षरों की पहिली पंक्ति के ‘ह’ से ‘प्र’ तक के अक्षर उद्धृत किये हैं और अंतिम पांच अक्षर (‘ध’ से ‘श्री’ तक) उक्त दानपत्र के अंत के हर्ष के हस्ताक्षरों से लिये गये हैं जो चित्रलिपि का नमूना होने के साथ ही साथ उक्त राजा की चित्रविद्या की निपुणता प्रकट करते हैं. झालरापाटन के लेख में विसर्ग की दोनों बिंदियों को [Figure:]