भारतीय पराचीन लिपिमाला (Bharatiya Pracina Lipimala: The Palaeography of India) c13.9
भारतीय प्राचीन लिपिमाला (Bhāratīya Prācīna Lipimālā: The Palaeography of India) c13.9
- Language
- Hindi
c13.9
१ मौखरी (मुखर)वंशी राजा ईशानवर्मन् का हड़ाहा का शिलालेख वि. सं ६११ (ई. स. ५५४) का है (सरस्वती, ई. स. १६१६, पृ. ८१-८३). आसीरगढ़ से मिली हुई ईशानवर्मन के पुत्र शर्ववर्मन् की मुद्रा में कोई संवत् नहीं है (फ्ली; गु. इं; सेट ३० A). अनंतवर्मन् के बराबर और नागार्जुनी पहाड़ियों की गुफाओं के लेखों (फ्ली; गु. इं; प्लेट ३० B, ३१ A और B) में भी संवत् नहीं मिलता परंतु उसका ई. स. की छठी शताब्दी के अंत के आस पास होना अनुमान किया जा सकता है. जौनपुर का लेख भी, जिसका प्रारंभ का हिस्सा बचने नहीं पाया, संभवतः उपर्युक्त ईशानवर्मन् के समय का हो (फ्ली; गु. इं; प्लेट ३२ A).