भारतीय पराचीन लिपिमाला (Bharatiya Pracina Lipimala: The Palaeography of India) c14.34
भारतीय प्राचीन लिपिमाला (Bhāratīya Prācīna Lipimālā: The Palaeography of India) c14.34
- Language
- Hindi
c14.34
यह लिपिपत्र मोरवी से मिले हुए राजा जाइंकदेव के गुप्त संवत् ५८५ (ई. स. ९०४) के दानपत्र१, अलवर से मिले हुए प्रतिहार राजा विजयपाल के समय के वि. स. १०१६ (ई. स. ९५६) के शिलालेख२ और नेपाल से मिली हुई हस्तलिखित पुस्तकों३ से तय्यार किया गया है. जाइंकदेव के दानपत्र के अक्षरों की आकृति कुटिल४ है परंतु लिपि नागरी से मिलती हुई ही है, केवल ख, घ, छ, ड, थ, ध, न, फ और म अक्षर वर्तमान नागरी से कुछ भिन्न हैं.