भारतीय पराचीन लिपिमाला (Bharatiya Pracina Lipimala: The Palaeography of India) c15.25
भारतीय प्राचीन लिपिमाला (Bhāratīya Prācīna Lipimālā: The Palaeography of India) c15.25
- Language
- Hindi
c15.25
यह लिपिपत्र सोमवर्मा के कुलैत के दानपत्र४, चंबा से मिले हुए सोमवर्मा और आसट के दानपत्र५, राजानक नागपाल के देवीरीकोठी (देब्रिकोटी) के शिलालेख६, आरिगांव के शिलालेख७ तथा जालंधर के राजा जयच्चंद्र के समय की शक संवत् ११२६८=लौकिक संवत् ८० (ई. स. १२०४) की कांगडा ज़िले के कीरग्राम के वैजनाथ (बैद्यनाथ) के मंदिर की दो प्रशस्तियों८ से तय्यार किया गया है और इसमें मुख्य मुख्य अक्षर ही दिये गये हैं. कुलैत के दानपत्र में 'च' के बाईं तरफ़ के अंश के नीचे के भाग में गांठ सी लगाई है और 'ढ' की खड़ी लकीर के मध्य में ग्रंथि बनाकर उसके और 'फ' के बीच के अंतर को स्पष्ट किया है. वैजनाथ की प्रशस्तियों के 'ई' को, उक्त अक्षर के प्राचीन रूप में खड़ी