भारतीय पराचीन लिपिमाला (Bharatiya Pracina Lipimala: The Palaeography of India) c19.39
भारतीय प्राचीन लिपिमाला (Bhāratīya Prācīna Lipimālā: The Palaeography of India) c19.39
- Language
- Hindi
c19.39
घसीट है. ‘ई’ की दो बिंदियों के बीच की खड़ी लकीर को नीचे से बाईं ओर घुमा कर सिर तक ऊपर बढ़ाने से ही उक्त अक्षर का यह रूप बना है. ‘ळ’ (ऋग्वेद के ‘ळ्ह’ का स्थानापन्न) पहिले पहिल इसी दानपत्र में मिलता है जिसके मध्य भाग में एक आड़ी लकीर जोड़ने से दक्षिण की लिपियों का ‘र’ बना हो ऐसा प्रतीत होता है. इस दानपत्र से दिये हुए अक्षरों के अंत में ‘ळ’, ‘ळ्ह’ और ‘ऴ’ अक्षर दिये हैं वे इस दानपत्र से नहीं हैं. ‘ळ’ और ‘ळ्ह’ पूर्वी चालुक्य राजा विजयादित्य दूसरे के एडुरु के दानपत्र१ से और ‘ऴ’ उसी वंश के राजा अम्म (प्रथम) के मडुलपिटन (मसुलीपट्टम्, मद्रास इहाते के कृष्णा ज़िले में) के दानपत्र२ से है.