भारतीय पराचीन लिपिमाला (Bharatiya Pracina Lipimala: The Palaeography of India) c22.5
भारतीय प्राचीन लिपिमाला (Bhāratīya Prācīna Lipimālā: The Palaeography of India) c22.5
- Language
- Hindi
c22.5
३ अब तक जितने लेख प्राचीन तामिळ लिपि के मिले हैं उनमें 'औ' अक्षर नहीं मिला परंतु संभव है कि जैसे 'उ' के सिर की दाहिनी ओर नीचे को झुकी हुई खड़ी लकीर लगा कर 'ऊ' बनाया जाता था (देखो, लिपिपत्र ६० में पल्लववंशी राजा नंदिवर्मन् के कशाकूडि के दानपत्र के अक्षरों में) वैसा ही चिह्न 'ओ' के साथ जोड़ने से 'औ' बनता होगा; क्योंकि वर्तमान तामिळ में जो चिह्न 'ऊ' बनाने में 'उ' के आगे लिखा जाता है वही 'औ' बनाने में 'ओ' के आगे रक्खा जाता है जो उक्त प्राचीन चिह्न का रूपांतर ही है.