भारतीय प्राचीन लिपिमाला (Bhāratīya Prācīna Lipimālā: The Palaeography of India) c25.s1.26
भारतीय प्राचीन लिपिमाला (Bhāratīya Prācīna Lipimālā: The Palaeography of India) c25.s1.26
- Language
- Hindi
c25.s1.26
२००—अशोक के लेखों में मिलनेवाले इस अंक के तीन चिह्नों में से पहिला ‘सु’ है, परंतु दूसरे दो रूप उस समय के किसी अक्षर से नहीं मिलते. नानाघाट के लेख का रूप ‘आ’ के समान है. गुप्तों आदि के लेखों का दूसरा रूप ‘ला’ से मिलता हुआ है और भिन्न भिन्न लेखादि से उद्धृत किये हुए इस अंक के दो रूपों में से दूसरा ‘सू’ से मिलता है. नासिक के लेखों, क्षत्रपों के सिक्कों, वलभी के राजाओं तथा कलिंग के गंगवंशियों के दानपत्रों में मिलनेवाले इस अंक के रूप किसी अक्षर से नहीं मिलते.